बात चलती है , तो दूर तक जाती है। एक गांव के दो परिवारों में बहुत घनिष्ठता थी। दोनों परिवार के लोग एक-दूसरे के यहां आते-जाते थे , उ...
मंगलवार, 5 जुलाई 2022
सोमवार, 4 जुलाई 2022
गांव में परी मरी, अपनी-अपनी परी, Ganv mei pari mari
गांव में परी मरी , अपनी-अपनी परी एक संपन्न गांव था। वहां के लोग स्वस्थ और ताकतवर थे । अच्छी खेती होती थी। घर-घर दुधारू गाएं थीं। स...
रविवार, 3 जुलाई 2022
सांप के मुंह में छछूंदर, न खाते बने न उगलते बने , Sanp ke munh me chhachhundar
सांप के मुंह में छछूंदर , न खाते बने न उगलते बने एक गृहिणी सुबह का खाना बनाकर सबको खिला चुकी थी। उसका पति सुबह तड़के खेतों पर चल...
शनिवार, 2 जुलाई 2022
बनिया गड़ी ईंट उखाड़ता है, baniya gadi int ukhadta hai
बनिया गड़ी ईंट उखाड़ता है गांव में एक बनिया था। उसकी घर पर ही परचून की दुकान थी। गांव के ज्यादातर लोग इसी दुकान से दाल...