शुक्रवार, 6 मई 2022

राजा ने छोड़ी कंजूसी Raja ne Kanjusi Chhodi ( Moral Story)

राजा ने कंजूसी छोड़ी

राजा ने छोड़ी कंजूसी  Raja ne Kanjusi Chhodi ( Moral Story)


Raja ne kanjusi chhodi



चंद्रपुर का राजा चंद्रसेन बहुत कंजूस था। मजदूरों से काम करवाता, किसानों से अनाज लेता, सुनारों से अभूषण बनवाता। पर पैसे किसी को नहीं देता था। पैसे देते समय कुछ

बहाना बनाकर, उन्हें खाली हाथ ही लौटा देता था। लोग

इसलिए चूप रह जाते थे कि राजा से कौन बैर मोल ले। 

परन्तु राजा की इस आदत से सभी परेशान जरूर थे। धीरे-धीरे सभी व्यापारी राजा को मिलावटी और खराब अनाज और अन्य सामग्री देने लगे। सुनार भी आभूषण में मिलावट करने लगा, किसान अनाज में मिलावट करने लगा। मिलावटी चीजें खाने से राजा की तबीयत खराब रहने लगी। राजा ने मंत्री से कहकर अपने वैद्य जी को बुलवाया । राजा की सेहत का सवाल था। इसलिए वैद्य जी ने महंगी जड़ी-बूटियां लेकर राजा की दवाईयां बनाई और उपचार किया।

राजा की तबीयत एकदम ठीक हो गई, परंतु जब वैद्यजी को पैसे देने की बात आई तो राजा ने, 'कहा वैद्य

जी कल सपने में मेरे पिताजी ने बताया कि आपके पिताजी उनके खास वैद्य थे। मेरे पिताजी ने खुश होकर आपके पिताजी को बहुत सारा धन दिया था और कहा था कि "मैं यह धन इसलिए दे रहा हूं, ताकि आप अपने बेटे को भी वैद्य बनाएं और वह मेरे बेटे की चिकित्सा अच्छी तरह करें, जो तुम कर रहे हो।

इस काम का पैसा तुम्हारे पिता मेरे पिता से पहले ही पेशगी बतौर ले चुके हैं। यह सुनकर वैद्य जी चुप रहे और खाली हाथ घर लौट गए । कुछ दिनों बाद राजा की तबीयत फिर बिगड़ी और वैद्य जी को बुलवाया गया। वैद्य जी ने राजा से कहा हे राजन! कल ही मुझे सपने में मेरे पिताजी ने बताया कि वह आपके पिताजी का बहुत सम्मान करते थे। मेरे पिताजी ने आपके पिताजी से कहा था, पता नहीं मेरा बेटा मेरे जैसा अच्छा वैद्य बन पाएगा या नहीं इसलिए राजन आपने जो पैसे दिए हैं, उससे मैंने बहुत ही कीमती और बढ़िया दवा बनाई है। इसे आप ले लेंगे

तो आपका बेटा कभी बीमार नहीं पड़ेगा और अगर बीमार हुआ तो अपने आप ठीक हो जाएगा। वह दवा

आपके पिताजी ने ले ली थी। 

अतः आप निश्चिंत रहें, आपकी तबीयत अपने आप ठीक हो जाएगी। यह बात सुनकर राजा समझे गया कि पैसे ना देने के लिए मैंने भी ऐसा ही बहाना बनाया था। 

राजा की आंखें खुल गई और उसने कंजूसी छोड़ दी।









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